
राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित की जाने वाली “देवनारायण योजना” के विषय में पिछले कुछ दिनों से राज्य में भ्रम का माहौल बना हुआ था। एक मीडिया चैनल ने झूठी खबर प्रकाशित करते हुए बताया कि सरकार ने “देवनारायण योजना” का नाम बदलकर विशेष समूह योजना कर दिया है। राज्य सरकार को जब मीडिया समूह की इस हरकत का पता लगा तो सरकार ने त्वरित अधिसूचना जारी करते हुए स्पष्ट किया कि योजना का नाम एवं कार्यप्रणाली व कार्यविधि पूर्व की तरह यथावत ही है। इस योजना के तहत राजस्थान सरकार बंजारा, गाड़िया लुहार, रायका रेबारी, गडरिया व गुर्जर जाति को लाभ पहुंचाने का काम करती है। अभी हाल ही में मंगलवार को राज्य के नीमकाथाना स्थित राजकीय कमला मोदी महिला कॉलेज में 37 छात्राओं को “देवनारायण स्कूटी वितरण योजना” के तहत स्कूटी वितरण किया गया। इससे पूर्व अभी सीकर के कल्याण कॉलेज में 81 छात्राओं को सरकार ने स्कूटी बांटी। 10 दिन पहले ही भरतपुर के रामेश्वरी देवी कन्या महाविद्यालय में सरकार ने जनकल्याणकारी देवनारायण स्कूटी वितरण योजना के तहत कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं को स्कूटी का वितरण किया।
इसके अलावा वर्तमान में राज्य सरकार “देवनारायण गुरुकुल छात्रवृत्ति योजना” के तहत इस वर्ग में शामिल विद्यालयी छात्र-छात्राओं को लाभ पहुंचाने के लिए कक्षा 6 से 12 तक निशुल्क पढ़ाई की योजना संचालित कर रही है। इसके आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त है। उल्लेखनीय है कि योजनांतर्गत सरकार ने लाभार्थियों की कोई सीमा निश्चित नहीं की है। एक माता-पिता के एक से अधिक बच्चे भी योजना का लाभ उठा सकते हैं।

आखिर क्यों किया मीडिया ने इस भ्रम का दुष्प्रचार:
एक मीडिया समूह ने अपनी सुर्खियां बढ़ानें एवं सरकार विरोधी पक्ष दर्शाकर, विपक्ष में अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए समाज भड़काऊ इस घृणात्मक खबर को प्रकाशित किया। बेहतर होता यदि ईमानदारी से काम करते हुए यह मीडिया समूह योजना की सच्चाई को समाज के सामने लाता। इससे लाभान्वित वर्ग में सरकार द्वारा संचालित इस योजना के बारे में समझ विकसित होती। मीडिया प्रचारकों का काम अपने शासन की खबरों को निष्पक्ष प्रकाशित कर जनता के बीच में सही समझ विकसित करना होता है। लेकिन कई बार यह समूह विपक्ष के दबाव में अथवा निजी स्वार्थ में अंधे होकर मनमानी से समाज को आशंकित, भ्रमित व विद्रोही बनाने वाली खबरें प्रकाशित कर देते हैं। यह सर्वथा अनुचित है।
भगवान विष्णु के अवतार देवनारायण जी को सम्मान देती है सरकार:
जब एक मीडिया समूह ने यह खबर चलाई कि सरकार ने गुर्जर जाति के आराध्य देव श्री देवनारायण जी के नाम पर संचालित होने वाली जनकल्याणकारी योजना का नाम बदल दिया है, तो जाति विशेष के मध्य दुष्प्रचार को रोकने के लिए सरकार ने बताया कि परम पूज्य श्री देवनारायण जी के नाम पर संचालित होने वाली योजना का नाम बदलने का कोई अर्थ नहीं है। ऐसा कभी सोचा भी नहीं गया। चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, हमेशा देवनारायण जी का सम्मान करती रही है। गौरतलब है कि देवनारायण जी एकमात्र ऐसे लोग देवता हैं जिनकी फड़ पर भारतीय डाक विभाग द्वारा 1992 में डाक टिकट जारी किया गया था। राज्य क्रांति के जनक माने जाने वाले लोक देवता देवनारायण जी पर राजस्थान सरकार फिल्म भी बना चुकी है। देवनारायण जी की शिक्षाओं को समाज के बीच प्रसारित करने के लिए सरकार सदैव आगे रही है।
देवनारायण जी के नाम पर सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाए:
- ऋण एवं अनुदान योजना।
- देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण एवं प्रोत्साहन राशि योजना।
- देवनारायण छात्रा साईकिल वितरण योजना।
- देवनारायण छात्रा उच्च शिक्षा आर्थिक सहायता योजना।
- देवनारायण प्रतिभावान छात्र प्रोत्साहन योजना।
- देवनारायण आवासीय विद्यालय योजना।
- देवनारायण गुरूकुल योजना।
- विशेष पिछडा वर्ग पूर्व मैट्रिक छात्रवृति योजना।

