
राजस्थान सरकार प्रदेश के 6.50 लाख राज्य कर्मचारियों और 3.75 लाख पेंशनर्स को 7वें वेतन आयोग का जल्द ही लाभ दे सरकती है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के इन कर्मचारियों को इस साल के अंत तक 7वें वेतन आयोग के लाभ प्रदान कर सकती है। प्रदेश में 7वां वेतन आयोग की सिफारिशे लागू करने के लिए गठित कमेटी ने एक बार फिर अपना कार्यकाल बढ़वा लिया है। अब यह कमेटी 15 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इस बीच यह माना जा रहा है कि सरकार सातवें वेतन आयोग का लाभ सितंबर 2016 से दे सकती है। हालांकि वास्तविक नकद लाभ जनवरी 2017 से मिलेगा और बाकि राशि कर्मचारी के पीएफ खाते में जमा की जाएगी।

सितंबर 2016 से मिलेगा प्रदेश कार्मिकों को लाभ
राजस्थान सरकार प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशन भोगियों को 7वें वेतन आयोग का लाभ देने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। सातवां वेतन आयोग का लाभ देने के लिए गठित कमेटी से यह जानकारी मिली है कि प्रदेश के कर्मचारियों को सिंतंबर 2016 से सातवें वेतन आयोग का लाभ मिल सकता है। आपकों बतादें कि कमेटी की रिपोर्ट आने में थोड़ा ओर वक्त लग सकता है। पहले यह कमेटी जुलाई में अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने वाली थी लेकिन अब इस कमेटी ने अपना कार्यकाल बढ़वा कर अगस्त,15 करवा लिया है। जानकारी के अनुसार रिपोर्ट में एक्चुअल कैश बेनिफिट की तारीक इससे चार या पांच महीने आगे होगी। एरियर की राशि कर्मचारियों को जीपीएफ के रुप में मिल सकती है।
7 हजार करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा सरकार पर
राजस्थान सरकार ने 7वां पे कमीशन लागू करने के लिए सेवा निवृत आईएएस अधिकारी के डी. सी. सामंत के निर्देशन में कमेटी गठित की थी। इससे पहले राज्य सरकार ने 5वां और 6वां पे कमीशन बिना किसी कमेटी के आधार पर दिया था। आपको बता दें कि प्रदेश में करीब 7 लाख राज्य कर्मचारी है तथा करीब 3.50 लाख पेंशनभोगी है। राज्य सरकार अगर 7वां वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करती है तो सरकारी खजाने पर करीब 7 हजार करोड़ का अतिरिक्त भार आएगा।

